अमेरिकी रक्षा मंत्री का 3 दिन भारत दौरा, आज रक्षामंत्री राजनाथ सिंह मिले, दोनों देशों ने कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए

    नई दिल्ली : अमेरिकी रक्षा मंत्री ऑस्टिन तीन दिनों के दौरे पर शुक्रवार को भारत पहुंचे हैं। यहाँ वो सबसे पहले शुक्रवार शाम प्रधानमंत्री मोदी और NSA अजित डोभाल से मुलाकात की थी वही मोदी से मिलने के बाद पीएमओ ने बताया था कि अमेरिकी रक्षामंत्री ने द्विपक्षीय रक्षा संबंध को मजबूत करने की वॉशिंगटन की प्रतिबद्धता को दोहराया। इस दौरान हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और संपन्नता के लिए रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।

    आज उन्होंने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच विज्ञान भवन मीटिंग भी हुई। इसके बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त बयान जारी किया। सबसे पहले राजनाथ ने कहा कि मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि ऑस्टिन और उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ हमारी व्यापक और उपयोगी बातचीत हुई।

    उन्होंने बताते हुए कहा हमारे बीच रक्षा सहयोग, मिलिट्री-टू-मिलिट्री एंगेजमेंट, सूचना साझा करना, रक्षा के उभरते क्षेत्रों में सहयोग और लॉजिस्टिक सपोर्ट में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। इस दौरान दोनों देशों ने कई समझौतों पर हस्ताक्षर भी किए। उन्होंने बताया की हमने कई द्विपक्षीय और बहुपक्षीय अभ्यासों का रिव्यू किया और हम भारतीय सेना, US इंडो-पैसिफिक कमांड, सेंटर कमांड और अफ्रीका कमांड के बीच कॉपरेशन बढ़ाने पर राजी हुए। हमने LEMOA, COMCASA और BECA समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं और भारत अमेरिका के साथ मजबूत रक्षा साझेदारी को और आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।

    भारत तेजी से अंतरराष्ट्रीय गतिशीलता में बदलाव करने में एक महत्वपूर्ण भागीदार -ऑस्टिन
    राजनाथ के बाद ऑस्टिन ने कहा कि हमारा संबंध फ्री एंड ओपन इंडो-पेसिफिक रीजन का एक गढ़ है। पीएम मोदी का कहना है कि भारत अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन के लिए नेविगेशन की आजादी और फ्रीडम ऑफ ओवरफाइट के लिए हमेशा खड़ा है। यह क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए हमारे साझा दृष्टिकोण को साबित करता है। उन्होंने कहा कि मैं इस सप्ताह के शुरू में एक भारतीय वायु सेना के पायलट की मौत के लिए अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से अंतरराष्ट्रीय गतिशीलता में बदलाव करने में एक महत्वपूर्ण भागीदार है। मैं भारत-प्रशांत क्षेत्र के लिए भारत के साथ रक्षा साझेदारी के लिए अमेरिका की प्रतिबद्धता को दाहराता हूं।