महाराष्ट्र में ठाकरे सरकार ने देर रात 86 अफसरों का किया ट्रांसफर, गृहमंत्री पर मुंबई से 100 करोड़ वसूली के आरोप

    नई दिल्ली : महाराष्ट्र सरकार की सियासत में एंटीलिया केस को लेकर बवाल मचा हुआ हैं। वही मंगलवार देर रात मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मुंबई क्राइम ब्रांच के 65 पुलिसकर्मियों सहित 86 अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया। इससे पहले देर शाम मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य के आला अधिकारियों के साथ अपने सरकारी आवास पर बैठक की थी। इसके कुछ घंटे बाद ही गृह मंत्री अनिल देशमुख भी CM से मिलने पहुंचे थे। इन दोनो बैठकों के बाद ही पुलिस विभाग में यह बदलाव किया गया है। बता दे इस से पहले मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह का ट्रांसफर किया गया था। लेकिन इसी बीच राज्य की एक और महिला IPS अधिकारी और इंटेलीजेंस कमिश्नर रश्मि शुक्ल ने महाराष्ट्र में पुलिस अधिकारियों के ट्रांसफर को लेकर बड़ा खुलासा किया था। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि महाराष्ट्र के पुलिस विभाग में दलाल सक्रिय हैं जाे ट्रांसफर का रैकेट चलाते हैं।

    वही दूसरी तरफ केस में मुंबई पुलिस के निलंबित API सचिन वझे से NIA पूछताछ कर रही है। वझे को लेकर इस मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। इन सभी मामलो को लेकर विपक्ष के भाजपा नेता पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सरकार को घेर रखा हैं।

    पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा मैंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पिछले हफ्ते पत्र लिखकर दावा किया था कि महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने पुलिस अधिकारियों को 100 करोड़ रुपए की मासिक वसूली करने को कहा है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे पत्र में उन्होंने आगे कहा कि देशमुख ने पुलिस अधिकारी सचिन वझे को 100 करोड़ वसूली के तरीके भी बताते हैं। उन्होंने पत्र में बताया देशमुख ने वसूली के लिए आधी रकम शहर में चल रहे 1,750 बार, रेस्त्राओं और ऐसे ही अन्य प्रतिष्ठानों से वसूले जाने हैं।

    इस पत्र के उजागर होने के बाद राज्य की सियासत में भूचाल आ गया। विपक्ष ने गृहमंत्री का इस्तीफा माँगा हैं। लेकिन गृहमंत्री देशमुख ने इन आरोपों का खंडन किया है। लेकिन गृहमंत्री के इस्तीफे को लेकर एनसीपी नेता शरद पवार ने देशमुख का बचाव किया हैं। भाजपा ने भी संसद में मुद्दा उठाते हुए कहा हैं यदि गृहमंत्री ने 100 करोड़ वसूली करने को कहा तो दूसरे मंत्रियो ने कितना कहा और यदि मुंबई से 100 करोड़ तो पुरे राज्य से कितना वसूली करते थे।