सरकार की निजीकरण नीति के खिलाफ एलआईसी कर्मचारियों ने किया धरना प्रदर्शन, संगठन के वाइस प्रेसिडेंट ने कहा 1956 में जब से एलआईसी शुरू हुआ है तब से अब तक सरकार को फंडिंग करता आ रहा

    मोदी सरकार की निजीकरण की नीतियाें काे लेकर बैंक कर्मियों के साथ-साथ अब एलआईसी कर्मचारी भी विरोध में उतर आए है। एलआईसी कर्मचारी यूनियन ने वीरवार को शिमला मालरोड स्थित एलआईसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और पूरे दिन स्ट्राइक की। एलआईसी कर्मचारीयों ने सरकार की प्राइवेटाइजेशन नीति का विरोध किया।

    वही एलआईसी संगठन के वाइस प्रेसिडेंट पंकज सूद ने बताया कि मोदी सरकार हर क्षेत्र का निजीकरण कर रही है जो एक गलत कदम है। उनका कहना है कि सरकार आईपीओ के शेयर जो अभी 49 फीसदी है उसे बढ़ाकर 75 फीसदी करने जा रही है। 1956 में जब से एलआईसी शुरू हुआ है तब से अब तक सरकार को फंडिंग करता है लेकिन इसके बावजूद सरकार इसे निजी हाथों में सौंपने जा रही है। वहीं रामपुर में केंद्र सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। सीटू के राज्य उपाध्यक्ष बिहारी सेयोगी की अगुवाई में प्रदर्शन किया किया।

    आपको बता दे सरकार की निजीकरण नीतियों के ख़िलाफ़ बैंक कर्मचारियों ने भी दो दिन हड़ताल की थी। लेकिन वही सरकार कहना हैं की निजीकरण से कर्मचारियों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। कर्मचारियों को अभी सुविधा मिल रही है वही सुविधा आपको निजीकरण में भी मिलेगी।