दिल्ली मेट्रो पर भर्तियों में गड़बड़ी का लगा आरोप, अभ्यर्थियों ने ट्विटर पर उठाएं सवाल तो ब्लॉक कर दिया गया

    केंद्रीय सुचना आयोग ने दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन यानी DMRC भर्ती घोटाला की जानकारी आरटीआई की सूचना नहीं देने पर फटकार लगाते हुए 20 अप्रैल को आदेश दिया कि 2016 की भर्ती प्रक्रिया में अभ्यर्थियों के प्राप्तांक व कट ऑफ की जानकारी अपने वेबसाइट पर अपलोड करे।

    बता दे ग्राम डाबरवास जिला अलवर निवासी सोहन सिंह ने भर्ती घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा है कि वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार दिल्ली मेट्रो रेल ने 5113 चयनित की सूची अपलोड की है। जिसमें अधिकतर की ज्वाइनिंग भी हो गई है। इन सभी को व्यक्तिगत मेल व मैसेज कर के बुलाया गया था। उन्होंने आगे कहा कि मेन्टेनर इलेक्ट्रीशियन पद के 41 अभ्यर्थियों ने ज्वाइन नहीं की, फिर भी 456 की विज्ञप्ति में 736 को नियुक्ति दे दी गयी है। इस तरह ही सभी पदों में धांधली हुई है परीक्षा परिणाम में मेन चैनल में चयनित उम्मीदवारों की सिर्फ नाम रोल नम्बर ही सार्वजनिक की गई थी। अब सभी लिस्ट सुचना आयोग के फटकार के बाद डाली गई। पहले हम जब मेट्रो के इस भर्ती घोटाले का ट्विटर पर जबाव मांगते हैं तो हमें जबाव देने के बजाय ब्लॉक कर दिया जाता था।

    लिस्ट सार्वजनिक हुई तो पता चला सीकर निवासी प्रभुदयाल शर्मा का नाम लिस्ट में
    जब लिस्ट सार्वजनिक हुई तो पता चला सीकर निवासी प्रभुदयाल शर्मा का नाम लिस्ट में और वह चयनित है। किन्तु दिल्ली मेट्रो ने उसे भी ज्वाइनिंग नहीं दी और उस से कम अंक वालो को नियुक्ति दे दी है। जबकी वही दिल्ली मेट्रो के अधिकारियों का कहना था कि नियुक्त अभ्यर्थियों के ज्वाइन नहीं करने व मेन लिस्ट में स्वास्थ्य परीक्षण व दस्तावेज सत्यापन में बाहर होना है।

    भर्ती प्रक्रिया घोटाले पर आरोप लगाने वाले अभ्यर्थियों का कहना है कि डीएमआरसी ने 2016 में पद बढ़ोतरी का कोई दाेबारा परिणाम व नोटिस नहीं निकाला था । जबकि अब 2019 में पदों में कटौती के बाद दाेबारा परिणाम एवं 22 सिंतबर को एक एफएक्यू जारी कर के पदों में कटौती की पूरी जानकारी दी है ।