हरियाणा में हरियाणा के पंजीकृत किसान ही बेच पाएंगे फसल, दूसरे राज्यों के अपंजीकृत किसानों को बॉडर पर रोकने के निर्देश

    इस बार हरियाणा सरकार ने दूसरे राज्यों के अपंजीकृत किसानों पर रोक लगाते हुए कहा की अबकी बार अनाज मंडियों में दूसरे राज्यों के अपंजीकृत किसान अपनी फसल नहीं बेच पाएंगे। किसानों को बाॅर्डर पर ही रोका जाएगा। इसके लिए पुलिस को निर्देश दिए गए हैं। हरियाणा की अनाज मंडियों में एक अप्रैल से गेहूं और सरसों की खरीद शुरू होगी। तैयारियों की जानकारी के लिए सीएम खट्टर ने शनिवार को अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

    सीएम ने कहा कि मंडी में किसानों को किसी प्रकार की कोई समस्या न हो, इसके लिए कृषि उत्पादक संघों की मदद भी ली जाए। प्रदेश में काफी संख्या में कृषि उत्पादक संघ हैं। इनमें से 380 संघों की सूची जिला उपायुक्तों को भेजी गई है जो खरीद प्रक्रिया में प्रशासन का सहयोग करेंगी। सीएम ने कहा कि अस्थाई प्रोविजन लाइसेंस की व्यवस्था को दुरुस्त करके आढ़तियों के अस्थाई लाइसेंस जारी किए जाएं।

    हरियाणा के भी वही किसान फसल को बेच सकेंगे, जिनका पंजीकरण हो चुका है। मुखयमंत्री खट्टर ने बताया कि अबकी बार प्रदेश की अनाज मंडियों में 81 लाख टन गेहूं खरीद के इंतजाम किए गए हैं।

    फसल खरीद प्रक्रिया को लेकर बैठक में पूरे सिस्टम की जानकारी देने वाली पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। मुख्यमंत्री ने इस बार सीधा किसान के खाते में भुगतान शत प्रतिशत सुनिश्चित किए जाने के निर्देश भी दिए। इस पुस्तिका में खरीद प्रक्रिया से जुड़े सभी 12 हित धारकों के लिए आवश्यक जानकारियां उपलब्ध हैं।