आंदोलन में सम्पति को नुकसान की भरपाई पर आज पेश होगा बिल, जुर्माना और जेल भी हो सकती है

    नई दिल्ली : अब हरियाणा प्रदेश में विरोध-प्रदर्शनों के दौरान सरकारी व निजी प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने वालों से ही भरपाई की जाएगी। इसके लिए सोमवार को गृह मंत्री अनिल विज विधानसभा में संपत्ति क्षति वसूली विधेयक-2021 पेश करेंगे। इसके विधेयक के अनुसार यदि कोई व्यक्ति विरोध प्रदर्शन के दौरान किसी भी प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाता है तो हर्जाना उसी से वसूला जाएगा। हर्जाना न देने पर जेल के साथ जुर्माना भी हो सकता है।

    वही सूत्रों का कहना है कि इसमें अधिकतम 3 साल की जेल और एक लाख तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। जबकी सरकार इसे कम ज्यादा भी कर सकती है। उत्तर प्रदेश में भी योगी सरकार ने ऐसा कानून बना दिया है। उसी कानून का अध्ययन करने के बाद विधेयक का ड्राफ्ट तैयार किया गया है। बता दे आंदोलनों में सरकारी और प्राइवेट प्रॉपर्टी संपत्ति ही आंदोलनकारियों के निशाने पर रहती है। भाजपा सरकार के पहले कार्यकाल में भी ऐसा कानून बनाने की कोशिश हुई थी।

    बता दे आजकल जहा तक आंदोलन की बात है तो उसमें ज्यादात्तर आंदोलन हिंसा का रूप बना लेते हैं और आंदोलन के नाम पर सरकारी और लोगो की निजी सम्पति को नुकसान पहुंचाया जाता हैं हरियाणा में आंदोलन की बात की जाएं तो जाट आंदोलन, राम रहीम गिरफ्तारी आंदोलन, और अब किसान आंदोलन तीनों आंदोलन में जमकर उत्पात मचाया गया। यहाँ तक की लोगो को मारा भी गया, पुलिस स्टेशन जलाये गए, लोगों की दुकान लूटी गयी, बस स्टैंड जलाएं गए। आंदोलन के नाम पर हिंसा में आमजन अपना बहुत कुछ खो देते है। अब हमे विश्वास है ये कानून आने से राहत मिलेंगी।